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mahabharat 7.170.13: हे मनुष्यों के स्वामी! आचार्य के रथ की ओर आकर उस बाण ने कुशल योद्धा के समान उसके बारह टुकड़े कर दिए।   |   mahabharat अध्याय 7.170: धृष्टद्युम्न और द्रोणाचार्यका युद्ध, धृष्टद्युम्नद्वारा द्रुमसेनका वध, सात्यकि और कर्णका युद्ध, कर्णकी दुर्योधनको सलाह तथा शकुनिका पाण्डव-सेनापर आक्रमण   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 170: धृष्टद्युम्न और द्रोणाचार्यका युद्ध, धृष्टद्युम्नद्वारा द्रुमसेनका वध, सात्यकि और कर्णका युद्ध, कर्णकी दुर्योधनको सलाह तथा शकुनिका पाण्डव-सेनापर आक्रमण  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  7.170.13 
तं तु सायकमायान्तमाचार्यस्य रथं प्रति।
कर्णो द्वादशधा राजंश्चिच्छेद कृतहस्तवत्॥ १३॥
 
 
अनुवाद
हे मनुष्यों के स्वामी! आचार्य के रथ की ओर आकर उस बाण ने कुशल योद्धा के समान उसके बारह टुकड़े कर दिए।
 
O lord of men! Coming towards the chariot of the Acharya, that arrow broke it into twelve pieces like a skilled warrior.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)