Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.170.10: तब शत्रु योद्धाओं का संहार करने वाले उस पांचाल वीर ने उस विचित्र धनुष को कानों तक खींचकर उससे द्रोणाचार्य को मारने के लिए समर्थ एक भयंकर बाण चलाया॥10॥ | mahabharat अध्याय 7.170: धृष्टद्युम्न और द्रोणाचार्यका युद्ध, धृष्टद्युम्नद्वारा द्रुमसेनका वध, सात्यकि और कर्णका युद्ध, कर्णकी दुर्योधनको सलाह तथा शकुनिका पाण्डव-सेनापर आक्रमण । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
विकृष्य च धनुश्चित्रमाकर्णात् परवीरहा।
द्रोणस्यान्तकरं घोरं व्यसृजत् सायकं तत:॥ १०॥
अनुवाद
तब शत्रु योद्धाओं का संहार करने वाले उस पांचाल वीर ने उस विचित्र धनुष को कानों तक खींचकर उससे द्रोणाचार्य को मारने के लिए समर्थ एक भयंकर बाण चलाया॥10॥
Then that Panchala hero, slayer of enemy warriors, having drawn that strange bow till his ears, shot with it a fierce arrow, capable of killing Dronacharya.॥10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥