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mahabharat 7.17.48: तदनन्तर दुर्योधन की सेना बड़े हर्ष के साथ अर्जुन के बिना ही बड़े क्रोध के साथ राजा युधिष्ठिर को पकड़ने का प्रयत्न करने लगी ॥48॥   |   mahabharat अध्याय 7.17: सुशर्मा आदि संशप्तक वीरोंकी प्रतिज्ञा तथा अर्जुनका युद्धके लिये उनके निकट जाना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 17: सुशर्मा आदि संशप्तक वीरोंकी प्रतिज्ञा तथा अर्जुनका युद्धके लिये उनके निकट जाना  »  श्लोक 48
 
 
श्लोक  7.17.48 
ततो दौर्योधनं सैन्यं मुदा परमया युतम्।
ऋतेऽर्जुनं भृशं क्रुद्धं धर्मराजस्य निग्रहे॥ ४८॥
 
 
अनुवाद
तदनन्तर दुर्योधन की सेना बड़े हर्ष के साथ अर्जुन के बिना ही बड़े क्रोध के साथ राजा युधिष्ठिर को पकड़ने का प्रयत्न करने लगी ॥48॥
 
Then Duryodhana's army, with great joy and without Arjun, started trying with great anger to capture King Yudhishthira. 48॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)