Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.17.43: हे पराक्रमी योद्धा, हे वीर! आचार्य द्रोण बलवान, पराक्रमी और युद्धकला में निपुण हैं। उन्होंने कष्टों पर विजय प्राप्त की है और मुझे पकड़कर दुर्योधन के पास ले जाने की प्रतिज्ञा की है।॥43॥ | mahabharat अध्याय 7.17: सुशर्मा आदि संशप्तक वीरोंकी प्रतिज्ञा तथा अर्जुनका युद्धके लिये उनके निकट जाना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
द्रोणो हि बलवाञ्छूर: कृतास्त्रश्च जितश्रम:।
प्रतिज्ञातं च तेनैतद् ग्रहणं मे महारथ॥ ४३॥
अनुवाद
हे पराक्रमी योद्धा, हे वीर! आचार्य द्रोण बलवान, पराक्रमी और युद्धकला में निपुण हैं। उन्होंने कष्टों पर विजय प्राप्त की है और मुझे पकड़कर दुर्योधन के पास ले जाने की प्रतिज्ञा की है।॥43॥
O mighty warrior, O brave one! Acharya Drona is strong, valiant and proficient in the art of warfare. He has conquered the hardships and has vowed to capture me and take me to Duryodhan. ॥ 43॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥