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mahabharat 7.17.40: यह सुशर्मा अपने भाइयों के साथ आया है और मुझे युद्ध के लिए ललकार रहा है, अतः आप कृपा करके मुझे इस सुशर्मा को उसके अनुयायियों सहित मार डालने की अनुमति दीजिए ॥40॥   |   mahabharat अध्याय 7.17: सुशर्मा आदि संशप्तक वीरोंकी प्रतिज्ञा तथा अर्जुनका युद्धके लिये उनके निकट जाना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 17: सुशर्मा आदि संशप्तक वीरोंकी प्रतिज्ञा तथा अर्जुनका युद्धके लिये उनके निकट जाना  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  7.17.40 
एष च भ्रातृभि: सार्धं सुशर्माऽऽह्वयते रणे।
वधाय सगणस्यास्य मामनुज्ञातुमर्हसि॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
यह सुशर्मा अपने भाइयों के साथ आया है और मुझे युद्ध के लिए ललकार रहा है, अतः आप कृपा करके मुझे इस सुशर्मा को उसके अनुयायियों सहित मार डालने की अनुमति दीजिए ॥40॥
 
This Susarma has come with his brothers and is challenging me for a battle, so please give me permission to kill this Susarma along with his followers. ॥ 40॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)