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mahabharat 7.17.38: उन सिंह-पुरुषों और योद्धाओं द्वारा ललकारे जाने पर शत्रु नगर को जीतने वाले कुन्तीपुत्र अर्जुन ने तुरन्त ही धर्मराज युधिष्ठिर से इस प्रकार कहा -॥38॥   |   mahabharat अध्याय 7.17: सुशर्मा आदि संशप्तक वीरोंकी प्रतिज्ञा तथा अर्जुनका युद्धके लिये उनके निकट जाना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 17: सुशर्मा आदि संशप्तक वीरोंकी प्रतिज्ञा तथा अर्जुनका युद्धके लिये उनके निकट जाना  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  7.17.38 
आहूतस्तैर्नरव्याघ्रै: पार्थ: परपुरंजय:।
धर्मराजमिदं वाक्यमपदान्तरमब्रवीत्॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
उन सिंह-पुरुषों और योद्धाओं द्वारा ललकारे जाने पर शत्रु नगर को जीतने वाले कुन्तीपुत्र अर्जुन ने तुरन्त ही धर्मराज युधिष्ठिर से इस प्रकार कहा -॥38॥
 
On being challenged by those lion-men and warriors, Arjuna, the son of Kunti, who had conquered the enemy city, immediately spoke to Dharmaraja Yudhishthira as follows -॥ 38॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)