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mahabharat 7.17.3: राजन! मैंने आपसे पहले ही कहा था कि जब तक अर्जुन उपस्थित हैं, तब तक समस्त देवता भी युद्ध में युधिष्ठिर को नहीं पकड़ सकते॥3॥   |   mahabharat अध्याय 7.17: सुशर्मा आदि संशप्तक वीरोंकी प्रतिज्ञा तथा अर्जुनका युद्धके लिये उनके निकट जाना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 17: सुशर्मा आदि संशप्तक वीरोंकी प्रतिज्ञा तथा अर्जुनका युद्धके लिये उनके निकट जाना  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  7.17.3 
उक्तमेतन्मया पूर्वं न तिष्ठति धनंजये।
शक्यो ग्रहीतुं संग्रामे देवैरपि युधिष्ठिर:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
राजन! मैंने आपसे पहले ही कहा था कि जब तक अर्जुन उपस्थित हैं, तब तक समस्त देवता भी युद्ध में युधिष्ठिर को नहीं पकड़ सकते॥3॥
 
King! I had already told you that as long as Arjun is present even all the gods cannot catch Yudhishthira in the war.॥ 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)