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mahabharat 7.17.24: वे सब पूर्वकाल में यज्ञ कर चुके थे, वे सब पुत्रवान थे और पुण्यलोकों में जाने के अधिकारी थे, उन्होंने अपना कर्तव्य पूरा कर लिया था। वे युद्ध में हर्षपूर्वक अपने शरीर का त्याग करने को तत्पर थे और यश तथा विजय से युक्त होने वाले थे॥24॥   |   mahabharat अध्याय 7.17: सुशर्मा आदि संशप्तक वीरोंकी प्रतिज्ञा तथा अर्जुनका युद्धके लिये उनके निकट जाना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 17: सुशर्मा आदि संशप्तक वीरोंकी प्रतिज्ञा तथा अर्जुनका युद्धके लिये उनके निकट जाना  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  7.17.24 
यज्वान: पुत्रिणो लोक्या: कृतकृत्यास्तनुत्यज:।
योक्ष्यमाणास्तदाऽऽत्मानं यशसा विजयेन च॥ २४॥
 
 
अनुवाद
वे सब पूर्वकाल में यज्ञ कर चुके थे, वे सब पुत्रवान थे और पुण्यलोकों में जाने के अधिकारी थे, उन्होंने अपना कर्तव्य पूरा कर लिया था। वे युद्ध में हर्षपूर्वक अपने शरीर का त्याग करने को तत्पर थे और यश तथा विजय से युक्त होने वाले थे॥24॥
 
All of them had performed sacrifices in the past, all of them were blessed with sons and were entitled to go to the virtuous worlds, they had fulfilled their duty. They were ready to sacrifice their bodies in the war joyfully and were going to unite themselves with fame and victory.॥24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)