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mahabharat 7.17.2: युद्ध से सेनाओं के लौट जाने पर द्रोणाचार्य मन में बहुत दुःखी हुए और दुर्योधन की ओर लज्जित होकर देखकर बोले-॥2॥   |   mahabharat अध्याय 7.17: सुशर्मा आदि संशप्तक वीरोंकी प्रतिज्ञा तथा अर्जुनका युद्धके लिये उनके निकट जाना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 17: सुशर्मा आदि संशप्तक वीरोंकी प्रतिज्ञा तथा अर्जुनका युद्धके लिये उनके निकट जाना  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  7.17.2 
कृत्वावहारं सैन्यानां द्रोण: परमदुर्मना:।
दुर्योधनमभिप्रेक्ष्य सव्रीडमिदमब्रवीत्॥ २॥
 
 
अनुवाद
युद्ध से सेनाओं के लौट जाने पर द्रोणाचार्य मन में बहुत दुःखी हुए और दुर्योधन की ओर लज्जित होकर देखकर बोले-॥2॥
 
After returning the armies from the battle, Dronacharya became very sad in his heart and looking at Duryodhan with shame spoke -॥ 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)