Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.17.19-20: महाराज! ऐसी प्रतिज्ञा करके प्रस्थलाधिपति पुरुषसिंह त्रिर्गटराज सुशर्मा तीस हजार रथियों के साथ अपने भाइयों मालव, तुण्डिकर, मवेल्लक, ललिता, मद्रकगण तथा दस हजार रथियों के साथ युद्ध के लिये (शपथ लेने के लिये) गये। 19-20॥   |   mahabharat अध्याय 7.17: सुशर्मा आदि संशप्तक वीरोंकी प्रतिज्ञा तथा अर्जुनका युद्धके लिये उनके निकट जाना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 17: सुशर्मा आदि संशप्तक वीरोंकी प्रतिज्ञा तथा अर्जुनका युद्धके लिये उनके निकट जाना  »  श्लोक 19-20
 
 
श्लोक  7.17.19-20 
मालवास्तुण्डिकेराश्च रथानामयुतैस्त्रिभि:।
सुशर्मा च नरव्याघ्रस्त्रिगर्त: प्रस्थलाधिप:॥ १९॥
मावेल्लकैर्ललित्थैश्च सहितो मद्रकैरपि।
रथानामयुतेनैव सोऽगमद् भ्रातृभि: सह॥ २०॥
 
 
अनुवाद
महाराज! ऐसी प्रतिज्ञा करके प्रस्थलाधिपति पुरुषसिंह त्रिर्गटराज सुशर्मा तीस हजार रथियों के साथ अपने भाइयों मालव, तुण्डिकर, मवेल्लक, ललिता, मद्रकगण तथा दस हजार रथियों के साथ युद्ध के लिये (शपथ लेने के लिये) गये। 19-20॥
 
Maharaj! Having taken such a vow, Prasthaladhipati Purushasingh Trirgataraj Susharma along with thirty thousand charioteers went for war (to take oath) along with his brothers Malava, Tundiker, Mavellak, Lalitha, Madrakagana and ten thousand charioteers. 19-20॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)