Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.17.17-18: भरतनंदन! सुशर्मा के ऐसा कहने पर सत्यरथ, सत्यवर्मा, सत्यव्रत, सत्याशु और सत्यकर्मा नामक उसके पाँचों भाइयों ने भी यही प्रतिज्ञा दोहराई। उनके साथ दस हज़ार रथियों की सेना भी थी। महाराज! ये लोग युद्ध की शपथ लेकर लौट आए थे। 17-18। | mahabharat अध्याय 7.17: सुशर्मा आदि संशप्तक वीरोंकी प्रतिज्ञा तथा अर्जुनका युद्धके लिये उनके निकट जाना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एवं सत्यरथश्चोक्त्वा सत्यवर्मा च भारत।
सत्यव्रतश्च सत्येषु: सत्यकर्मा तथैव च॥ १७॥
सहिता भ्रातर: पञ्च रथानामयुतेन च।
न्यवर्तन्त महाराज कृत्वा शपथमाहवे॥ १८॥
अनुवाद
भरतनंदन! सुशर्मा के ऐसा कहने पर सत्यरथ, सत्यवर्मा, सत्यव्रत, सत्याशु और सत्यकर्मा नामक उसके पाँचों भाइयों ने भी यही प्रतिज्ञा दोहराई। उनके साथ दस हज़ार रथियों की सेना भी थी। महाराज! ये लोग युद्ध की शपथ लेकर लौट आए थे। 17-18।
Bharatanandan! After Susharma said this, his five brothers named Satyarath, Satyavarma, Satyavrat, Satyashu and Satyakarma also repeated the same pledge. They also had an army of ten thousand charioteers with them. Maharaj! These people had returned after taking an oath for the war. 17-18.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥