Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.17.14: अब सौभाग्यवश अर्जुन स्वयं शस्त्र धारण करके हमारे सामने उपस्थित हुए हैं। ऐसी स्थिति में हम अवश्य ही प्रतिशोधस्वरूप जो कुछ मन में करना चाहते थे, वही करेंगे॥14॥ | mahabharat अध्याय 7.17: सुशर्मा आदि संशप्तक वीरोंकी प्रतिज्ञा तथा अर्जुनका युद्धके लिये उनके निकट जाना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स नो दिष्टॺास्त्रसम्पन्नश्चक्षुर्विषयमागत:।
कर्तार: स्म वयं कर्म यच्चिकीर्षाम हृद्गतम्॥ १४॥
अनुवाद
अब सौभाग्यवश अर्जुन स्वयं शस्त्र धारण करके हमारे सामने उपस्थित हुए हैं। ऐसी स्थिति में हम अवश्य ही प्रतिशोधस्वरूप जो कुछ मन में करना चाहते थे, वही करेंगे॥14॥
‘Now, fortunately for us, Arjuna himself has appeared before us, holding weapons. In this situation, we will surely do whatever we wanted to do in our mind as a retaliatory action.॥ 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥