Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.169.50: अपने पक्ष के सैनिक अपने ही सैनिकों पर आक्रमण करने लगे और शत्रु पक्ष के सैनिक भी अपने ही सैनिकों पर आक्रमण करने लगे। इस प्रकार उस रात्रि का युद्ध मर्यादाहीन कायरों के लिए अत्यंत भयंकर हो गया। | mahabharat अध्याय 7.169: नकुलके द्वारा शकुनिकी पराजय तथा शिखण्डी और कृपाचार्यका घोर युद्ध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अपने पक्ष के सैनिक अपने ही सैनिकों पर आक्रमण करने लगे और शत्रु पक्ष के सैनिक भी अपने ही सैनिकों पर आक्रमण करने लगे। इस प्रकार उस रात्रि का युद्ध मर्यादाहीन कायरों के लिए अत्यंत भयंकर हो गया।
The soldiers of one's own side started attacking their own soldiers and the soldiers of the enemy side also started attacking their own soldiers. Thus that night's war became extremely dreadful for the cowards, without any decorum. 50.
इति श्रीमहाभारते द्रोणपर्वणि घटोत्कचवधपर्वणि रात्रियुद्धे संकुलयुद्धे एकोनसप्तत्यधिकशततमोऽध्याय:॥ १६९॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत द्रोणपर्वके अन्तर्गत घटोत्कचवधपर्वमें रात्रियुद्धके समय संकुलयुद्धविषयक एक सौ उनहत्तरवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १६९॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥