श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 169: नकुलके द्वारा शकुनिकी पराजय तथा शिखण्डी और कृपाचार्यका घोर युद्ध  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  7.169.3 
यथैव नकुलो राजन् शरवर्षाण्यमुञ्चत।
तथैव सौबलश्चापि शिक्षां संदर्शयन् युधि॥ ३॥
 
 
अनुवाद
महाराज! जैसे ही नकुल ने बाण बरसाए, वैसे ही शकुनि ने भी युद्ध-प्रशिक्षण का प्रदर्शन करते हुए बाण चलाए।
 
King! As Nakula showered arrows, Shakuni also fired arrows in the same manner, demonstrating his training in warfare.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)