Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.169.28-29h: राजा! तब कृपाचार्य क्रोधित हो उठे और उन्होंने एक अदम्य धार वाले स्वर्ण दण्ड तथा एक शिल्पी द्वारा धारदार बनाए गए भयंकर अस्त्र से उस पर आक्रमण किया।   |   mahabharat अध्याय 7.169: नकुलके द्वारा शकुनिकी पराजय तथा शिखण्डी और कृपाचार्यका घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 169: नकुलके द्वारा शकुनिकी पराजय तथा शिखण्डी और कृपाचार्यका घोर युद्ध  »  श्लोक 28-29h
 
 
श्लोक  7.169.28-29h 
तस्य क्रुद्ध: कृपो राजन् शक्तिं चिक्षेप दारुणाम्॥ २८॥
स्वर्णदण्डामकुण्ठाग्रां कर्मारपरिमार्जिताम्।
 
 
अनुवाद
राजा! तब कृपाचार्य क्रोधित हो उठे और उन्होंने एक अदम्य धार वाले स्वर्ण दण्ड तथा एक शिल्पी द्वारा धारदार बनाए गए भयंकर अस्त्र से उस पर आक्रमण किया।
 
King! Then Kripacharya became angry and attacked him with a golden staff with an unstoppable edge and a terrible weapon that had been sharpened by a craftsman. 28 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)