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mahabharat 7.169.17-18h: हे भोले राजा! आपके बहनोई को अचेत पड़ा देखकर सारथी उन्हें शीघ्रता से रथ पर चढ़ाकर सेना के सामने से दूर ले गया।   |   mahabharat अध्याय 7.169: नकुलके द्वारा शकुनिकी पराजय तथा शिखण्डी और कृपाचार्यका घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 169: नकुलके द्वारा शकुनिकी पराजय तथा शिखण्डी और कृपाचार्यका घोर युद्ध  »  श्लोक 17-18h
 
 
श्लोक  7.169.17-18h 
तं विसंज्ञं निपतितं दृष्ट्वा श्यालं तवानघ॥ १७॥
अपोवाह रथेनाशु सारथिर्ध्वजिनीमुखात्।
 
 
अनुवाद
हे भोले राजा! आपके बहनोई को अचेत पड़ा देखकर सारथी उन्हें शीघ्रता से रथ पर चढ़ाकर सेना के सामने से दूर ले गया।
 
O innocent king! Seeing your brother-in-law lying unconscious, the charioteer quickly carried him away from the front of the army on the chariot.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)