श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 168:  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  7.168.36 
प्रतिविन्ध्यं तु समरे कुर्वाणं कर्म दुष्करम्।
दु:शासनस्त्रिभिर्बाणैर्ललाटे समविध्यत॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
दु:शासन ने युद्धभूमि में कठिन कार्य कर रहे प्रतिविन्ध्य के मस्तक पर तीन बाण मारे।
 
Dushasan shot three arrows on the forehead of Prativindhya who was performing difficult tasks in the battle-field.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)