श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 168:  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  7.168.3 
चित्रसेनो महाराज शतानीकं पुनर्युधि।
नवभिर्निशितैर्बाणैराजघान स्तनान्तरे॥ ३॥
 
 
अनुवाद
महाराज! युद्धभूमि में चित्रसेन ने पुनः नौ तीखे बाणों से शतानीक की छाती में गहरा घाव कर दिया।
 
Maharaj! On the battlefield, Chitrasena once again wounded Satanika deeply in the chest with nine sharp arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)