श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 168:  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  7.168.21 
द्रुपदस्तु तत: क्रुद्धो वृषसेनस्य कार्मुकम्।
द्विधा चिच्छेद भल्लेन पीतेन निशितेन च॥ २१॥
 
 
अनुवाद
इससे क्रोधित होकर राजा द्रुपद ने तीखे भाले से वृषसेन के धनुष को दो टुकड़ों में तोड़ दिया।
 
Enraged by this, King Drupada broke Vrishasena's bow into two pieces with a sharp spear.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)