श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 168:  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  7.168.10 
अवप्लुत्य रथात् तस्माच्चित्रसेनो महारथ:।
नाकुलिं पञ्चविंशत्या शराणामार्दयद् बली॥ १०॥
 
 
अनुवाद
तब महारथी चित्रसेन ने उस रथ से कूदकर नकुलपुत्र शतानीक को पच्चीस बाण मारे॥10॥
 
Then Chitrasena, the mighty charioteer, jumped from that chariot and shot Nakula's son Shatanika with twenty-five arrows. 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)