Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.168.1: संजय कहते हैं- भरत! नकुल का पुत्र शतानीक एक ओर से आपकी सेना को अपनी अग्नि से जलाता हुआ आ रहा था। आपके पुत्र चित्रसेन ने उसे रोक लिया। | mahabharat अध्याय 7.168: । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शतानीकके द्वारा चित्रसेनकी और वृषसेनके द्वारा द्रुपदकी पराजय तथा प्रतिविन्ध्य एवं दु:शासनका युद्ध
संजय उवाच
शतानीकं शरैस्तूर्णं निर्दहन्तं चमूं तव।
चित्रसेनस्तव सुतो वारयामास भारत॥ १॥
अनुवाद
संजय कहते हैं- भरत! नकुल का पुत्र शतानीक एक ओर से आपकी सेना को अपनी अग्नि से जलाता हुआ आ रहा था। आपके पुत्र चित्रसेन ने उसे रोक लिया।
Sanjaya says- Bharata! Nakul's son Satanik was coming from one side, burning your army with his saragni (fire). Your son Chitrasena stopped him.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥