Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.167.5: तब कर्ण ने मुड़े हुए बाणों से सहदेव के घोड़ों को मार डाला और भल्लक से उसके सारथि को भी मार डाला और शीघ्र ही उसे यमलोक में भेज दिया॥5॥   |   mahabharat अध्याय 7.167: कर्णके द्वारा सहदेवकी पराजय, शल्यके द्वारा विराटके भाई शतानीकका वध और विराटकी पराजय तथा अर्जुनसे पराजित होकर अलम्बुषका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 167: कर्णके द्वारा सहदेवकी पराजय, शल्यके द्वारा विराटके भाई शतानीकका वध और विराटकी पराजय तथा अर्जुनसे पराजित होकर अलम्बुषका पलायन  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  7.167.5 
तस्य कर्णो हयान् हत्वा शरै: संनतपर्वभि:।
सारथिं चास्य भल्लेन द्रुतं निन्ये यमक्षयम्॥ ५॥
 
 
अनुवाद
तब कर्ण ने मुड़े हुए बाणों से सहदेव के घोड़ों को मार डाला और भल्लक से उसके सारथि को भी मार डाला और शीघ्र ही उसे यमलोक में भेज दिया॥5॥
 
Then Karna killed Sahadeva's horses with arrows having bent ends and with a Bhallaka (a spear) killed his charioteer as well and very soon sent him to Yama's world. ॥ 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)