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mahabharat 7.167.42-43: भारत! उस समय मनुष्यों और राक्षसों में बड़ा भयंकर युद्ध होने लगा, जिससे सब दर्शकों का आनन्द बढ़ गया और गिद्ध, कौवे, बगुले, उल्लू, कौवे और सियार भी प्रसन्न हो गए।   |   mahabharat अध्याय 7.167: कर्णके द्वारा सहदेवकी पराजय, शल्यके द्वारा विराटके भाई शतानीकका वध और विराटकी पराजय तथा अर्जुनसे पराजित होकर अलम्बुषका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 167: कर्णके द्वारा सहदेवकी पराजय, शल्यके द्वारा विराटके भाई शतानीकका वध और विराटकी पराजय तथा अर्जुनसे पराजित होकर अलम्बुषका पलायन  »  श्लोक 42-43
 
 
श्लोक  7.167.42-43 
अतितीव्रं महद् युद्धं नरराक्षसयोस्तदा॥ ४२॥
द्रष्टॄणां प्रीतिजननं सर्वेषां तत्र भारत।
गृध्रकाकबलोलूककङ्कगोमायुहर्षणम्॥ ४३॥
 
 
अनुवाद
भारत! उस समय मनुष्यों और राक्षसों में बड़ा भयंकर युद्ध होने लगा, जिससे सब दर्शकों का आनन्द बढ़ गया और गिद्ध, कौवे, बगुले, उल्लू, कौवे और सियार भी प्रसन्न हो गए।
 
Bhaarat! At that time a great and fierce battle started between humans and demons, which increased the joy of all the spectators and brought delight to the vultures, crows, herons, owls, crows and jackals.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)