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mahabharat 7.167.41-42h: राजन! उस राक्षस ने अर्जुन के सिर पर सैकड़ों बाणों की वर्षा करके अर्जुन को अपनी ओर आते हुए उसी प्रकार रोक दिया, जैसे विशाल हिमालय तेज हवाओं को रोक देता है।   |   mahabharat अध्याय 7.167: कर्णके द्वारा सहदेवकी पराजय, शल्यके द्वारा विराटके भाई शतानीकका वध और विराटकी पराजय तथा अर्जुनसे पराजित होकर अलम्बुषका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 167: कर्णके द्वारा सहदेवकी पराजय, शल्यके द्वारा विराटके भाई शतानीकका वध और विराटकी पराजय तथा अर्जुनसे पराजित होकर अलम्बुषका पलायन  »  श्लोक 41-42h
 
 
श्लोक  7.167.41-42h 
रुरोधार्जुनमायान्तं प्रभञ्जनमिवाद्रिराट्॥ ४१॥
किरन् बाणगणान् राजन् शतशोऽर्जुनमूर्धनि।
 
 
अनुवाद
राजन! उस राक्षस ने अर्जुन के सिर पर सैकड़ों बाणों की वर्षा करके अर्जुन को अपनी ओर आते हुए उसी प्रकार रोक दिया, जैसे विशाल हिमालय तेज हवाओं को रोक देता है।
 
King! By showering hundreds of arrows on Arjuna's head that demon stopped Arjuna coming towards him in the same way as the mighty Himalayas stop strong winds.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)