Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.167.37-38h: महाराज! उस समय राक्षसराज अलम्बुष आठ पहियों वाले एक उत्तम रथ पर सवार होकर उन दोनों का सामना करने के लिए आगे आया।   |   mahabharat अध्याय 7.167: कर्णके द्वारा सहदेवकी पराजय, शल्यके द्वारा विराटके भाई शतानीकका वध और विराटकी पराजय तथा अर्जुनसे पराजित होकर अलम्बुषका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 167: कर्णके द्वारा सहदेवकी पराजय, शल्यके द्वारा विराटके भाई शतानीकका वध और विराटकी पराजय तथा अर्जुनसे पराजित होकर अलम्बुषका पलायन  »  श्लोक 37-38h
 
 
श्लोक  7.167.37-38h 
तौ तु प्रत्युद्ययौ राजन् राक्षसेन्द्रो ह्यलम्बुष:॥ ३७॥
अष्टचक्रसमायुक्तमास्थाय प्रवरं रथम्।
 
 
अनुवाद
महाराज! उस समय राक्षसराज अलम्बुष आठ पहियों वाले एक उत्तम रथ पर सवार होकर उन दोनों का सामना करने के लिए आगे आया।
 
King! At that time the demon king Alambusha rode on an excellent chariot with eight wheels and came forward to face them both. 37 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)