Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.167.34: महाराज! हे भारतभूषण! राजा विराट अत्यन्त घायल होकर रथ के पिछले भाग में बैठ गए और उन्हें गहरी मूर्छा आ गई ॥34॥ | mahabharat अध्याय 7.167: कर्णके द्वारा सहदेवकी पराजय, शल्यके द्वारा विराटके भाई शतानीकका वध और विराटकी पराजय तथा अर्जुनसे पराजित होकर अलम्बुषका पलायन । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सोऽतिविद्धो महाराज रथोपस्थ उपाविशत्।
कश्मलं चाविशत् तीव्रं विराटो भरतर्षभ॥ ३४॥
अनुवाद
महाराज! हे भारतभूषण! राजा विराट अत्यन्त घायल होकर रथ के पिछले भाग में बैठ गए और उन्हें गहरी मूर्छा आ गई ॥34॥
Maharaja! O Bharatbhushan! King Virat, being very much wounded, sat down in the rear part of the chariot and was overcome by a deep unconsciousness. ॥ 34॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥