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mahabharat 7.167.29: तत्पश्चात् शतानीक ने अपने भाई का वाहन नष्ट होते देख, सबके सामने ही शीघ्रतापूर्वक अपने रथ पर सवार होकर उसके पास पहुँचा।   |   mahabharat अध्याय 7.167: कर्णके द्वारा सहदेवकी पराजय, शल्यके द्वारा विराटके भाई शतानीकका वध और विराटकी पराजय तथा अर्जुनसे पराजित होकर अलम्बुषका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 167: कर्णके द्वारा सहदेवकी पराजय, शल्यके द्वारा विराटके भाई शतानीकका वध और विराटकी पराजय तथा अर्जुनसे पराजित होकर अलम्बुषका पलायन  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  7.167.29 
शतानीकस्ततो दृष्ट्वा भ्रातरं हतवाहनम्।
रथेनाभ्यपतत् तूर्णं सर्वलोकस्य पश्यत:॥ २९॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् शतानीक ने अपने भाई का वाहन नष्ट होते देख, सबके सामने ही शीघ्रतापूर्वक अपने रथ पर सवार होकर उसके पास पहुँचा।
 
Thereafter Shatanika, seeing his brother's vehicle destroyed, quickly reached him on his chariot in front of everyone.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)