श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 167: कर्णके द्वारा सहदेवकी पराजय, शल्यके द्वारा विराटके भाई शतानीकका वध और विराटकी पराजय तथा अर्जुनसे पराजित होकर अलम्बुषका पलायन  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  7.167.1 
संजय उवाच
सहदेवमथायान्तं द्रोणप्रेप्सुं विशाम्पते।
कर्णो वैकर्तनो युद्धे वारयामास भारत॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं- प्रजानाथ! भरतनन्दन! वैकर्तन कर्ण ने युद्धभूमि में द्रोणाचार्य पर निशाना साधते हुए सहदेव को रोक दिया। 1॥
 
Sanjay says- Prajanath! Bharatnandan! Vaikartan Karna stopped Sahadev while aiming at Dronacharya in the battlefield. 1॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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