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mahabharat 7.166.38: महाराज! महाबली राक्षसराज घटोत्कच, जो महाबली अश्वत्थामा द्वारा बुरी तरह घायल हो गया था, रथ के पिछले भाग में बैठा था।   |   mahabharat अध्याय 7.166: सात्यकिके द्वारा भूरिका वध, घटोत्कच और अश्वत्थामाका घोर युद्ध तथा भीमके साथ दुर्योधनका युद्ध एवं दुर्योधनका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 166: सात्यकिके द्वारा भूरिका वध, घटोत्कच और अश्वत्थामाका घोर युद्ध तथा भीमके साथ दुर्योधनका युद्ध एवं दुर्योधनका पलायन  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  7.166.38 
सोऽतिविद्धो महाराज रथोपस्थ उपाविशत्।
राक्षसेन्द्र: सुबलवान् द्रौणिना रणशालिना॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
महाराज! महाबली राक्षसराज घटोत्कच, जो महाबली अश्वत्थामा द्वारा बुरी तरह घायल हो गया था, रथ के पिछले भाग में बैठा था।
 
Maharaj! The mighty demon king Ghatotkacha, who was severely wounded by the mighty Ashvatthama, sat in the rear part of the chariot.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)