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mahabharat 7.166.30-31h: घटोत्कच ने अत्यन्त क्रोध में भरकर युद्धभूमि में काली अग्नि के समान प्रज्वलित होने वाले दस बाणों से अश्वत्थामा की छाती पर गहरे घाव कर दिए।   |   mahabharat अध्याय 7.166: सात्यकिके द्वारा भूरिका वध, घटोत्कच और अश्वत्थामाका घोर युद्ध तथा भीमके साथ दुर्योधनका युद्ध एवं दुर्योधनका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 166: सात्यकिके द्वारा भूरिका वध, घटोत्कच और अश्वत्थामाका घोर युद्ध तथा भीमके साथ दुर्योधनका युद्ध एवं दुर्योधनका पलायन  »  श्लोक 30-31h
 
 
श्लोक  7.166.30-31h 
ततो घटोत्कचो बाणैर्दशभिर्द्रौणिमाहवे॥ ३०॥
जघानोरसि संक्रुद्ध: कालज्वलनसंनिभै:।
 
 
अनुवाद
घटोत्कच ने अत्यन्त क्रोध में भरकर युद्धभूमि में काली अग्नि के समान प्रज्वलित होने वाले दस बाणों से अश्वत्थामा की छाती पर गहरे घाव कर दिए।
 
Ghatotkacha, filled with great anger, inflicted deep wounds on Ashwatthama's chest with ten arrows that were as blazing as black fire on the battlefield. 30 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)