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mahabharat 7.166.27-28h: अस्त्र-शस्त्रों की टक्कर से चारों ओर जो चिंगारियाँ निकल रही थीं, उनसे आकाश ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो भोर के समय वह जुगनुओं से भरा हुआ हो।   |   mahabharat अध्याय 7.166: सात्यकिके द्वारा भूरिका वध, घटोत्कच और अश्वत्थामाका घोर युद्ध तथा भीमके साथ दुर्योधनका युद्ध एवं दुर्योधनका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 166: सात्यकिके द्वारा भूरिका वध, घटोत्कच और अश्वत्थामाका घोर युद्ध तथा भीमके साथ दुर्योधनका युद्ध एवं दुर्योधनका पलायन  »  श्लोक 27-28h
 
 
श्लोक  7.166.27-28h 
ततोऽस्त्रसंघर्षकृतैर्विस्फुलिङ्गै: समन्तत:॥ २७॥
बभौ निशामुखे व्योम खद्योतैरिव संवृतम्।
 
 
अनुवाद
अस्त्र-शस्त्रों की टक्कर से चारों ओर जो चिंगारियाँ निकल रही थीं, उनसे आकाश ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो भोर के समय वह जुगनुओं से भरा हुआ हो।
 
The sparks which were being emitted all around due to the clash of weapons made the sky seem as if it were filled with fireflies during the dawn. 27 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)