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mahabharat 7.166.16: द्रोणपुत्र! खड़े हो जाओ, खड़े हो जाओ, तुम मेरे हाथों से जीवित बच नहीं पाओगे। जैसे कार्तिकेय ने महिषासुर का वध किया था, वैसे ही मैं तुम्हारा वध करूँगा॥ 16॥   |   mahabharat अध्याय 7.166: सात्यकिके द्वारा भूरिका वध, घटोत्कच और अश्वत्थामाका घोर युद्ध तथा भीमके साथ दुर्योधनका युद्ध एवं दुर्योधनका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 166: सात्यकिके द्वारा भूरिका वध, घटोत्कच और अश्वत्थामाका घोर युद्ध तथा भीमके साथ दुर्योधनका युद्ध एवं दुर्योधनका पलायन  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  7.166.16 
तिष्ठ तिष्ठ न मे जीवन् द्रोणपुत्र गमिष्यसि।
एष त्वां निहनिष्यामि महिषं षण्मुखो यथा॥ १६॥
 
 
अनुवाद
द्रोणपुत्र! खड़े हो जाओ, खड़े हो जाओ, तुम मेरे हाथों से जीवित बच नहीं पाओगे। जैसे कार्तिकेय ने महिषासुर का वध किया था, वैसे ही मैं तुम्हारा वध करूँगा॥ 16॥
 
Son of Drona! Stand, stand, you will not be able to escape from my hands alive. Just like Kartikeya killed Mahishasura, I will kill you in the same way.॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)