vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 165: दोनों सेनाओंका युद्ध और कृतवर्माद्वारा युधिष्ठिरकी पराजय
»
श्लोक 36
श्लोक
7.165.36
तोमरं तु ततो गृह्य स्वर्णदण्डं दुरासदम्।
प्रैषयत् समरे तूर्णं हार्दिक्यस्य युधिष्ठिर:॥ ३६॥
अनुवाद
तदनन्तर युद्ध में युधिष्ठिर ने सुवर्णमय दण्ड से सुसज्जित दुर्धर्ष तोमर को हाथ में लेकर तुरन्त ही कृतवर्मा पर चलाया ॥36॥
Then in the battle, Yudhishthira took in his hand Durdharsha Tomar equipped with a golden stick and immediately launched it at Kritavarma. 36॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×