vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 165: दोनों सेनाओंका युद्ध और कृतवर्माद्वारा युधिष्ठिरकी पराजय
»
श्लोक 26
श्लोक
7.165.26
अथान्यद् धनुरादाय धर्मपुत्रो महारथ:।
हार्दिक्यं दशभिर्बाणैर्बाह्वोरुरसि चार्पयत्॥ २६॥
अनुवाद
तत्पश्चात् महारथी धर्मकुमार युधिष्ठिर ने दूसरा धनुष लेकर कृतवर्मा की छाती और भुजाओं पर दस बाण चलाये।
Thereafter, Yudhishthira, the great warrior Dharmakumar, took another bow and shot ten arrows on Kritavarma's chest and arms.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×