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श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 165: दोनों सेनाओंका युद्ध और कृतवर्माद्वारा युधिष्ठिरकी पराजय  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  7.165.14 
विराटं द्रुतमायान्तं द्रोणस्य निधनं प्रति।
मद्रराज: सुसंक्रुद्धो वारयामास भारत॥ १४॥
 
 
अनुवाद
हे भरत! द्रोणाचार्य को मारने के लिए तीव्र गति से आ रहे राजा विराट को क्रोध में भरे हुए मद्रराज शल्य ने रोक लिया।
 
Bharata! King Virata, who was coming rapidly with the intention of killing Drona, was stopped by the Madra king Shalya, who was filled with rage.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)