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mahabharat 7.164.36: उस समय जैसा भयंकर और भयानक युद्ध हो रहा था, वैसा न तो हमने कभी देखा था और न ही हमारे पूर्वजों ने सुना था ॥ 36॥   |   mahabharat अध्याय 7.164: दोनों सेनाओंका घमासान युद्ध और दुर्योधनका द्रोणाचार्यकी रक्षाके लिये सैनिकोंको आदेश   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 164: दोनों सेनाओंका घमासान युद्ध और दुर्योधनका द्रोणाचार्यकी रक्षाके लिये सैनिकोंको आदेश  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  7.164.36 
नैवास्माभिस्तथा पूर्वैर्दृष्टपूर्वं तथाविधम्।
श्रुतं वा यादृशं युद्धमासीद् रौद्रं भयानकम्॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
उस समय जैसा भयंकर और भयानक युद्ध हो रहा था, वैसा न तो हमने कभी देखा था और न ही हमारे पूर्वजों ने सुना था ॥ 36॥
 
Neither we nor our predecessors had ever seen nor heard of such a fierce and terrible war as was taking place then. ॥ 36॥
 
इति श्रीमहाभारते द्रोणपर्वणि घटोत्कचवधपर्वणि रात्रियुद्धे संकुलयुद्धे चतु:षष्टॺधिकशततमोऽध्याय:॥ १६४॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत द्रोणपर्वके अन्तर्गत घटोत्कचवधपर्वमें रात्रियुद्धके प्रसंगमें संकुलयुद्धविषयक एक सौ चौंसठवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १६४॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)