नैवास्माभिस्तथा पूर्वैर्दृष्टपूर्वं तथाविधम्।
श्रुतं वा यादृशं युद्धमासीद् रौद्रं भयानकम्॥ ३६॥
अनुवाद
उस समय जैसा भयंकर और भयानक युद्ध हो रहा था, वैसा न तो हमने कभी देखा था और न ही हमारे पूर्वजों ने सुना था ॥ 36॥
Neither we nor our predecessors had ever seen nor heard of such a fierce and terrible war as was taking place then. ॥ 36॥
इति श्रीमहाभारते द्रोणपर्वणि घटोत्कचवधपर्वणि रात्रियुद्धे संकुलयुद्धे चतु:षष्टॺधिकशततमोऽध्याय:॥ १६४॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत द्रोणपर्वके अन्तर्गत घटोत्कचवधपर्वमें रात्रियुद्धके प्रसंगमें संकुलयुद्धविषयक एक सौ चौंसठवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १६४॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)