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mahabharat 7.164.30: इस प्रकार मेरी विजय अवश्य ही स्थायी होगी; अतः तुम सब लोग मिलकर युद्ध में महारथी द्रोण की रक्षा करो ॥30॥   |   mahabharat अध्याय 7.164: दोनों सेनाओंका घमासान युद्ध और दुर्योधनका द्रोणाचार्यकी रक्षाके लिये सैनिकोंको आदेश   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 164: दोनों सेनाओंका घमासान युद्ध और दुर्योधनका द्रोणाचार्यकी रक्षाके लिये सैनिकोंको आदेश  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  7.164.30 
सोऽयं मम जयो व्यक्तो दीर्घकालं भविष्यति।
तस्माद् रक्षत संग्रामे द्रोणमेव महारथम्॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार मेरी विजय अवश्य ही स्थायी होगी; अतः तुम सब लोग मिलकर युद्ध में महारथी द्रोण की रक्षा करो ॥30॥
 
"This way my victory will surely be permanent; therefore all of you together must protect the great warrior Drona in the battle." ॥ 30॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)