श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 164: दोनों सेनाओंका घमासान युद्ध और दुर्योधनका द्रोणाचार्यकी रक्षाके लिये सैनिकोंको आदेश  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  7.164.28 
सृञ्जयेष्वथ सर्वेषु निहतेषु चमूमुखे।
धृष्टद्युम्नं रणे द्रौणिर्हनिष्यति न संशय:॥ २८॥
 
 
अनुवाद
जब युद्ध के मुहाने पर सभी सृंजय मारे जाएँगे, तब इसमें संदेह नहीं कि अश्वत्थामा युद्धभूमि में धृष्टद्युम्न को भी मार डालेगा ॥ 28॥
 
When all the Srinjayas are killed at the mouth of the war, there is no doubt that Ashvatthama will also kill Dhrishtadyumna on the battlefield.॥ 28॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)