Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.164.27: अतः मैं द्रोणाचार्य की हर संभव रक्षा करना अपना कर्तव्य समझता हूँ। यदि वे सुरक्षित रहें, तो वे पांडवों, सृंजयों और सोमकों का भी वध कर सकते हैं।' | mahabharat अध्याय 7.164: दोनों सेनाओंका घमासान युद्ध और दुर्योधनका द्रोणाचार्यकी रक्षाके लिये सैनिकोंको आदेश । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अतः मैं द्रोणाचार्य की हर संभव रक्षा करना अपना कर्तव्य समझता हूँ। यदि वे सुरक्षित रहें, तो वे पांडवों, सृंजयों और सोमकों का भी वध कर सकते हैं।'
‘Therefore, I consider it my duty to protect Dronacharya in every possible way. If he remains safe, he can kill the Pandavas, Srinjayas and Somakas as well.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥