श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 164: दोनों सेनाओंका घमासान युद्ध और दुर्योधनका द्रोणाचार्यकी रक्षाके लिये सैनिकोंको आदेश  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  7.164.22 
त्रिगर्तानां च ये शूरा हतशिष्टा महारथा:।
तांश्चैव पुरत: सर्वान् पुत्रस्ते समचोदयत्॥ २२॥
 
 
अनुवाद
राजन! आपके पुत्र ने त्रिगर्तों के समस्त वीर योद्धाओं को द्रोणाचार्य के आगे चलने का आदेश देते हुए कहा-॥22॥
 
Rajan! Your son, while ordering all the brave warriors of the Trigartas to walk ahead of Dronacharya, said – ॥ 22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)