Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.164.15: महान धनुर्धर, पराक्रमी और अपराजित नरसिंह द्रोणाचार्य रथपथ पर नृत्य करते हुए पांचाल सेना में प्रवेश कर गए।   |   mahabharat अध्याय 7.164: दोनों सेनाओंका घमासान युद्ध और दुर्योधनका द्रोणाचार्यकी रक्षाके लिये सैनिकोंको आदेश   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 164: दोनों सेनाओंका घमासान युद्ध और दुर्योधनका द्रोणाचार्यकी रक्षाके लिये सैनिकोंको आदेश  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  7.164.15 
यत् प्राविशन्महेष्वास: पञ्चालानपराजित:।
नृत्यन्निव नरव्याघ्रो रथमार्गेषु वीर्यवान्॥ १५॥
 
 
अनुवाद
महान धनुर्धर, पराक्रमी और अपराजित नरसिंह द्रोणाचार्य रथपथ पर नृत्य करते हुए पांचाल सेना में प्रवेश कर गए।
 
Dronacharya, that great archer, valiant and undefeated lion of men, entered the Panchala army there dancing on the chariot paths.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)