Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.163.36-37h: रात्रि में लड़ा गया युद्ध बादलों से आच्छादित दिन के समान प्रतीत हो रहा था। उस समय योद्धाओं की सेना प्रचंड वायु के समान चल रही थी। विशाल रथ मेघ के समान प्रतीत हो रहे थे। हाथियों और घोड़ों की हिनहिनाहट और तुरही की ध्वनि बादलों की गर्जना के समान थी। अस्त्र-शस्त्रों की वर्षा जल की वर्षा के समान थी और रक्त की धारा जल की धारा के समान प्रतीत हो रही थी। | mahabharat अध्याय 7.163: कौरवों और पाण्डवोंकी सेनाओंमें प्रदीपों (मशालों)-का प्रकाश । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
रात्रि में लड़ा गया युद्ध बादलों से आच्छादित दिन के समान प्रतीत हो रहा था। उस समय योद्धाओं की सेना प्रचंड वायु के समान चल रही थी। विशाल रथ मेघ के समान प्रतीत हो रहे थे। हाथियों और घोड़ों की हिनहिनाहट और तुरही की ध्वनि बादलों की गर्जना के समान थी। अस्त्र-शस्त्रों की वर्षा जल की वर्षा के समान थी और रक्त की धारा जल की धारा के समान प्रतीत हो रही थी।
The battle fought at night appeared like a day covered with clouds. At that time the army of warriors was moving like a fierce wind. The huge chariots appeared like a cloud. The sound of the neighing and trumpeting of elephants and horses was like the deep roar of the clouds. The shower of weapons was like a downpour of water and the stream of blood appeared like a stream of water.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥