Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.163.30-31h: दोनों सेनाओं के अन्य पैदल सैनिक हाथ में दीपक लेकर सेनाओं के भीतर चलने लगे। हाथी, रथ और घोड़ों सहित समस्त सेनाओं के पैदल सैनिक आपकी सेना तथा पाण्डवों द्वारा रक्षित सेना को प्रकाशित करने लगे। | mahabharat अध्याय 7.163: कौरवों और पाण्डवोंकी सेनाओंमें प्रदीपों (मशालों)-का प्रकाश । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मध्ये तथान्ये ज्वलिताग्निहस्ता:
सेनाद्वयेऽपि स्म नरा विचेरु:।
सर्वेषु सैन्येषु पदातिसङ्घा
विमिश्रिता हस्तिरथाश्ववृन्दै:॥ ३०॥
व्यदीपयंस्ते ध्वजिनीं प्रदीप्तां
तथा बलं पाण्डवेयाभिगुप्तम्।
अनुवाद
दोनों सेनाओं के अन्य पैदल सैनिक हाथ में दीपक लेकर सेनाओं के भीतर चलने लगे। हाथी, रथ और घोड़ों सहित समस्त सेनाओं के पैदल सैनिक आपकी सेना तथा पाण्डवों द्वारा रक्षित सेना को प्रकाशित करने लगे।
Other infantrymen of both the armies started moving within the armies holding lamps in their hands. The infantry of all the armies, along with the elephants, chariots and horses, started illuminating your army and the army guarded by the Pandavas. 30 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥