Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.163.24: जल और रक्त से भीगे हुए हथियार तथा योद्धाओं द्वारा पहने गए कवच, दीपों में प्रतिबिंबित हो रहे थे तथा वर्षा ऋतु में आकाश में चमकने वाली बिजली के समान अत्यंत चमक बिखेर रहे थे। | mahabharat अध्याय 7.163: कौरवों और पाण्डवोंकी सेनाओंमें प्रदीपों (मशालों)-का प्रकाश । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जल और रक्त से भीगे हुए हथियार तथा योद्धाओं द्वारा पहने गए कवच, दीपों में प्रतिबिंबित हो रहे थे तथा वर्षा ऋतु में आकाश में चमकने वाली बिजली के समान अत्यंत चमक बिखेर रहे थे।
The weapons soaked in water and blood and the armor worn by the warriors were reflecting in the lamps and radiating a very bright glow like the lightning in the sky during the rainy season.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥