Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.163.19: महाराज! जब वह प्रकाश सारी सेना में फैल गया, तब अग्नि के समान तेजस्वी पराक्रमी द्रोणाचार्य ने स्वर्ण कवच धारण कर लिया और वे मध्यान्ह के सूर्य के समान सब ओर चमकने लगे। | mahabharat अध्याय 7.163: कौरवों और पाण्डवोंकी सेनाओंमें प्रदीपों (मशालों)-का प्रकाश । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महाराज! जब वह प्रकाश सारी सेना में फैल गया, तब अग्नि के समान तेजस्वी पराक्रमी द्रोणाचार्य ने स्वर्ण कवच धारण कर लिया और वे मध्यान्ह के सूर्य के समान सब ओर चमकने लगे।
King! When the light spread across the entire army, the mighty Dronacharya, who was as glorious as fire, wore a golden armour and began to shine all around like the noonday sun.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥