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mahabharat 7.163.12: पृथ्वीनाथ! उस समय दुर्योधन ने समस्त पैदल सैनिकों से सान्त्वना भरे शब्दों में कहा - 'वीरों! तुम सब लोग अपने उत्तम अस्त्र-शस्त्र त्यागकर हाथ में जलती हुई मशालें ले लो।'   |   mahabharat अध्याय 7.163: कौरवों और पाण्डवोंकी सेनाओंमें प्रदीपों (मशालों)-का प्रकाश   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 163: कौरवों और पाण्डवोंकी सेनाओंमें प्रदीपों (मशालों)-का प्रकाश  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  7.163.12 
उवाच सर्वांश्च पदातिसङ्घान्
दुर्योधन: पार्थिव सान्त्वपूर्वम्।
उत्सृज्य सर्वे परमायुधानि
गृह्णीत हस्तैर्ज्वलितान् प्रदीपान्॥ १२॥
 
 
अनुवाद
पृथ्वीनाथ! उस समय दुर्योधन ने समस्त पैदल सैनिकों से सान्त्वना भरे शब्दों में कहा - 'वीरों! तुम सब लोग अपने उत्तम अस्त्र-शस्त्र त्यागकर हाथ में जलती हुई मशालें ले लो।'
 
Prithvinath! At that time Duryodhan said to all the infantry soldiers in consoling words - 'Heroes! All of you leave your excellent weapons and take burning torches in your hands.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)