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mahabharat 7.162.37: जब द्रोणाचार्य ने देखा कि युधिष्ठिर उनके सैनिकों को भगा रहे हैं, तो वे क्रोध से लाल आँखें करके बड़ी तेजी से उनकी ओर दौड़े।   |   mahabharat अध्याय 7.162: सात्यकिद्वारा सोमदत्तका वध, द्रोणाचार्य और युधिष्ठिरका युद्ध तथा भगवान् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरको द्रोणाचार्यसे दूर रहनेका आदेश   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 162: सात्यकिद्वारा सोमदत्तका वध, द्रोणाचार्य और युधिष्ठिरका युद्ध तथा भगवान् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरको द्रोणाचार्यसे दूर रहनेका आदेश  »  श्लोक 37
 
 
श्लोक  7.162.37 
सैन्यानि द्रावयन्तं तु द्रोणो दृष्ट्वा युधिष्ठिरम्।
अभिदुद्राव वेगेन क्रोधसंरक्तलोचन:॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
जब द्रोणाचार्य ने देखा कि युधिष्ठिर उनके सैनिकों को भगा रहे हैं, तो वे क्रोध से लाल आँखें करके बड़ी तेजी से उनकी ओर दौड़े।
 
When Dronacharya saw that Yudhishthira was chasing away his soldiers, he ran towards him with great speed, his eyes turning red with anger. 37.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)