श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 162: सात्यकिद्वारा सोमदत्तका वध, द्रोणाचार्य और युधिष्ठिरका युद्ध तथा भगवान् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरको द्रोणाचार्यसे दूर रहनेका आदेश  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  7.162.29 
ततश्चतुर्भिश्च शरैस्तूर्णं तांस्तुरगोत्तमान्।
समीपं प्रेषयामास प्रेतराजस्य भारत॥ २९॥
 
 
अनुवाद
भरत! फिर उसने चार बाणों द्वारा सोमदत्त के उन उत्तम घोड़ों को तत्काल ही भूतों के राजा यमराज के पास भेज दिया।
 
Bhaarat! Then with four arrows he immediately sent those excellent horses of Somadatta to the king of ghosts, Yama.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)