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mahabharat 7.162.23: उस युद्ध में सात्यकि ने कुपित होकर सोमदत्त को बहुत बुरी तरह घायल कर दिया और सोमदत्त ने भी अपने बाणों से सात्यकि को घायल कर दिया॥23॥   |   mahabharat अध्याय 7.162: सात्यकिद्वारा सोमदत्तका वध, द्रोणाचार्य और युधिष्ठिरका युद्ध तथा भगवान् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरको द्रोणाचार्यसे दूर रहनेका आदेश   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 162: सात्यकिद्वारा सोमदत्तका वध, द्रोणाचार्य और युधिष्ठिरका युद्ध तथा भगवान् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरको द्रोणाचार्यसे दूर रहनेका आदेश  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  7.162.23 
सोमदत्तं तु संक्रुद्धो रणे विव्याध सात्यकि:।
सात्यकिं शरजालेन सोमदत्तोऽप्यपीडयत्॥ २३॥
 
 
अनुवाद
उस युद्ध में सात्यकि ने कुपित होकर सोमदत्त को बहुत बुरी तरह घायल कर दिया और सोमदत्त ने भी अपने बाणों से सात्यकि को घायल कर दिया॥23॥
 
In that battle Satyaki, enraged, wounded Somadatta very badly, and Somadatta, in turn, wounded Satyaki with his arrows.॥23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)