vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 162: सात्यकिद्वारा सोमदत्तका वध, द्रोणाचार्य और युधिष्ठिरका युद्ध तथा भगवान् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरको द्रोणाचार्यसे दूर रहनेका आदेश
»
श्लोक 18
श्लोक
7.162.18
ततोऽपरेण भल्लेन ध्वजं चिच्छेद काञ्चनम्।
बाह्लीकस्य रणे राजन् सात्यकि: प्रहसन्निव॥ १८॥
अनुवाद
राजन! तब सात्यकि ने मुस्कुराते हुए युद्धस्थल में दूसरे बाण से बाह्लीकपुत्र सोमदत्त की स्वर्णमयी ध्वजा को काट डाला।
King! Then Satyaki, smiling, cut off the golden flag of Somadatta, son of Bahlika, with another arrow on the battlefield.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×